हरियाणा: एक हजार रुपए की टिकटों के गबन में फंसे हरियाणा रोडवेज जागृति मंच के राज्य महासचिव परिचालक सुरेंद्र सिंह के समर्थन में रोडवेज की सात कर्मचारी यूनियनें उतरी हैं। उन्होंने कहा कि एक हजार रुपए के गबन रिपोर्ट से षड्यंत्र की बू आ रही है।
उन्होंने कहा कि जींद डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दुहन द्वारा जींद डिपो में भ्रष्टाचार फैलाया जा रहा है। जिसके विरोध में हमारे संगठन के राज्य महासचिव सुरेन्द्र सिंह ने विभागहित और कर्मचारी हित में आवाज उठाई है। हमारे राज्य प्रधान व राज्य उपप्रधान द्वारा महाप्रबंधक महोदय की आरटीआई लगाई गई है।
बता दें कि सुरेन्द्र सिंह (परिचालक संख्या -123) जब अपनी बस को चंडीगढ़ से जींद के लिए लेकर जा रहे थे तो कैथल बस स्टैंड पर कैथल आगार के निरिक्षण दल द्वारा उसकी बस का निरिक्षण किया गया। निरिक्षण के दौरान सभी यात्रियों की टिकटों को चैक किया गया तो सब कुछ सही पाया गया। इसके बाद एक अन्य चैकिंग स्टाफ ने इसी बस को कंडेला गांव के पास चैक करके परिचालक सुरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट कर दी कि उसने एक हजार रुपये का फ्रॉड कर रखा है और कुछ पुरानी टिकटें बताई गई है।
उन्होंने कहा कि एक ही बस का बार-बार चैक होना, एक जगह सही पाया जाना और दूसरी जगह इतना बड़ा फ्रॉड दिखाया जाना निश्चय ही किसी षड़यंत्र की तरफ इशारा करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है।वहीं भ्रष्टाचार की आड़ में कर्मचारियों को बेवजह निशाना बनाए जाने के भी खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि जिस परिचालक सुरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट की गई है, वह हरियाणा रोडवेज जागृति मंच का प्रदेश महासचिव है और किसी यूनियन नेता पर इस तरह के भ्रष्टाचार का आरोप निश्चय ही गंभीर मामला है। ऐसे में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए और इसमें जो दोषी पाया जाए, उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस चैकिंग का पूरा वीडियो वायरल हो चुका है। जिसमें महाप्रबंधक खुद यह कह रहे हैं कि दो यात्रियों के अलावा बस में और कोई कमी नहीं है। जिससे यह प्रतीत होता है कि यह आरोप एक सोची समझी साजिश है। 2 फरवरी 2022 को महाप्रबंधक जींद द्वारा अपने साथ वाले एक निरीक्षक को छोड़कर दूसरी फ्लाइंग से निरीक्षक लिया गया और उन निरिक्षकों द्वारा उस दिन केवल एक ही गाड़ी परिचालक सुरेंद्र की चेक की गई। महाप्रबंधक के जींद में ज्वाइन करने के बाद यह चेक किया जाए कि क्या पहले भी सारे दिन में एक ही गाड़ी कभी चेक हुई है।
उन्होंने कहा कि जींद डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दुहन पूर्व के समय में भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जा चुका है। इससे पूर्व वह रोहतक डिपो में पैसे लेते हुए विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ा था और इस विषय में वह जेल भी काट चुके हैं। वहीं, भिवानी डिपो में भी भ्रष्टाचार करने के आरोप में आरोपित हो चुके है।
वर्तमान समय में जींद डिपो में भी प्राईवेट बसों के रूट पर रोडवेज विभाग की बसें कम संख्या में चलाकर प्राईवेट बस संचालकों से पैसे लेने को लेकर आरोपित है। वहीं, जींद डिपो में नाजर सीट पर कार्यरत एक लिपिक 10,000 रूपये नकद रूप में रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा गया है। इसमें भी जींद डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दुहन के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
उपरोक्त विषयान्कित मामले पर संज्ञान लेते हुए जींद डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दुहन के पिछले रिकॉर्ड तथा वर्तमान समय में जींद डिपो में फैलाए जा रहे भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। ताकि सच्चाई सामने आ सके और जींद डिपो के सुरेन्द्र सिंह परिचालक संख्या -123 की गलत रिपोर्ट करके सस्पेंड करने के आदेश तथा पुलिस विभाग में दर्ज करवाई गई एफआईआर को निरस्त करवाया जाए।


