शिमलाः हिमाचल के रामपुर से करीब साढ़े नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मां श्राईकोटी मंदिर में अब आसमानी बिजली का खतरा नहीं रहेगा। इस मंदिर में लाइटिंग अरेस्टर स्थापित किया गया है, जिससे मंदिर परिसर सहित 50 मीटर के दायरे में वाले क्षेत्र में गिरने वाली आसमानी बिजली से बचा जा सकेगा। मां भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट द्वारा करीब 16 लाख रुपए की लागत से मंदिर में अर्थिंग सिस्टम लगाया गया है।
रामपुर के 12/20 स्थित मां श्राईकोटी मंदिर में हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालू माता के दर्शन को पहुंचते हैं। नवारात्रों के अलावा अन्य समय में भी यहां माता के भक्तों सहित पर्यटकों का खूब तांता लगा रहता है। ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र आसमानी बिजली गिरने के लिहाज से काफी संवेदनशील है। आसमान से जमीन पर गिरने वाली बिजली को क्लाउड टू ग्राउंड कहते हैं।
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जमीन पर जहां सबसे सुवाहक जगह मिलती है, वहां यह बिजली गिरती है। जिसकी बहुत ज्यादा वोल्टेज, करंट और तापमान रहता है। मंदिर परिसर के बीचों बीच करीब 35 फीट का लाइटिंग अरेस्टर स्थापित किया गया है। अब मंदिर और आसपास के इलाके में आसमानी बिजली से कोई नुकसान नहीं होगा।





