मोक्ष शर्मा /नाहन: डॉ. वाइएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में आज एक स्टाफ नर्स के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में हड़कंप मंच गया है। उक्त स्टाफ नर्स नाइट ड्यूटी पर तैनात थी। नाइट ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाने में मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को ऑर्थो वार्ड में शिलाई के टटियाना का एक मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जिसे उसी स्टाफ नर्स ने अटेंड किया था। उसके बाद ना तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऑर्थो वार्ड को सील किया। ना ही ऑर्थो वार्ड में ड्यूटी दे रहे स्टाफ नर्स को एक सप्ताह के लिए होम आइसोलेशन में भेजा। देर रात को जो स्टाफ नर्स कोरोना संक्रमित ड्यूटी के दौरान पाई गई, वह पिछले तीन दिन से लगातार नाइट ड्यूटी कर रही थी। उसे देर रात करीब 11:00 बजे ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित होने की सूचना दी गई। इस दौरान वो पिछले 5 दिनों में ड्यूटी के दौरान तथा ड्यूटी से बाहर भी कई लोगों के संपर्क में आ चुकी होगी। अब सवाल यह उठता है कि जब 22 अगस्त को एक मरीज ऑर्थो वार्ड कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, तो वार्ड सील क्यों नहीं किया था। क्या मेडिकल कॉलेज प्रशासन अपने स्टाफ की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है, या जानबूझकर उनकी जान जोखिम में डाल रहा है। उधर जब इस संदर्भ में नाहन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र से बात की, तो उन्होंने बताया कि देर रात को मेडिकल कॉलेज की एक स्टाफनर्स कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, जो कि उस दौरान ड्यूटी पर तैनात थी। जब प्रधानाचार्य से यह पूछा गया कि 22 अगस्त को जब ऑर्थों वार्ड में मरीज कोरोना संक्रमित पाया गया था, तो वार्ड क्यों नहीं सील किया गया। तो प्रधानाचार्य ने कहा कि इस बारे में एमएस ही बता पाएंगे।
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