
कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर एक विवादित टिपण्णी की है जिसके चलते उन्हें लोगों के गुस्से का शिकार होना पढ़ा. उन्होंने एक ट्वीट करके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए ‘चमचागीरी’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद बीजेपी ने उदित राज को आधे हाथों लिया है और माफ़ी मांगने की बात कही है. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि कांग्रेस किस तरह से आदिवासियों के विरोध में खड़ी है. वहीँ दूसरी ओर उदित राज के ट्वीट पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने नोटिस जारी किया है.
आयोग ने उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि, ‘देश की सर्वोच्च शक्ति और अपनी कड़ी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंचीं महिला के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बयान. मामले को बढ़ते देख उदित राज ने अपनी सफाई पेश की है. उदित राज ने लिखा- ‘द्रौपदी मुर्मू जी से कोई दुबे, तिवारी, अग्रवाल, गोयल, राजपूत मेरे जैसा सवाल करता तो पद की गरिमा गिरती. हम दलित-आदिवासी आलोचना करेगें और इनके लिए लड़ेंगे भी. हमारे प्रतिनिधि बनकर जाते हैं फिर गूंगे-बहरे बन जाते हैं.’
एक और ट्वीट में कांग्रेस नेता ने लिखा, ‘द्रौपदी मुर्मू जी का राष्ट्रपती के तौर पर पूरा सम्मान है. वो दलित – आदिवासी की प्रतिनिधि भी हैं और इन्हें आधिकार है अपने हिस्से का सवाल करना. इसे राष्ट्रपति पद से न जोड़ा जाए.’
बता दें इससे पहले भी उदित राज राष्ट्रपति मुर्मू पर विवादित बयान दे चुके हैं. एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भी उदित राज ने द्रौपदी मुर्मू को लेकर विवादित बयान दिया था.

