बेरोजगारी के इस समय में हिमाचल में नाना प्रकार के युवा[ Youth ] रोजगार के लिए दिन रात मेहनत करते हैं कुछ के पास उम्र[ Age ] का अभाव होता है और कुछ के पास समय [ Time ] का..
कुछ महंगाई के इस जमाने में घर वालों को दिलासा देकर किराए का कमरा ले शहर में रह रहे है कि अबकी बार उन्हें सरकारी जॉब [ Government Job ] मिल जाएगी और कई गांव में गांव वालों और रिश्तेदारों के तानों को सुनते सुनते रोजगार लेने की दौड़ में भाग रहे हैं,
लेकिन दिसंबर 2022 से लेकर और जून 2023 तक का सफर वे कैसे काट रहे हैं यह सिर्फ वे ही जानते हैं
रोज़ उनकी शाम इस आस में गुजरती है कि कांग्रेस की सुख की सरकार उनके लिए कुछ ना कुछ अच्छा निर्णय लेकर जरूर आएगी,
ये मेहनत करने वाले युवा, रोजगार के लिए ,सरकार के एक फैसले पर इतने निर्भर क्यों है? इसके लिए आपको बता दें कि दिनांक 25 दिसंबर 2022 को JOA( IT ) 965 की परीक्षा होनी थी सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड तक आ चुके थे और परीक्षा के पिछले दिन सोशल मीडिया [ Social Media ] पर खबर [ News ] फैलती है कि JOA आईटी (965 )का पेपर लीक [ Paper Leak ] हो चुका है और जांच करने पर पता चलता है कि इस परीक्षा का पेपर विजिलेंस टीम द्वारा हमीरपुर बोर्ड की किसी महिला कर्मचारी के साथ जप्त किया गया है इसी कारण यह पेपर अब नहीं होगा, उस क्षण लाखों अभ्यर्थियों के दिमाग में बस यही चल रहा था कि ऐसा कैसे हो गया और क्या यह पहली बार हो रहा है ? या आयोग में पहले भी यह हुआ होगा इसके बाद विजिलेंस की टीम कार्यवाही में लग जाती है आगामी जांच पर कई खुलासे होते हैं इस बीच माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा HPSSC को बर्खास्त कर देना और 60 दिन के अंदर इसके बारे में निर्णय लेने की घोषणा करना कई लोगों को एक पारदर्शी कदम नजर आता है..
वहां विजिलेंस टीम की जांच के दायरे में बहुत सी अन्य परीक्षाएं आती है जिनमें कई ऐसी परीक्षाएं हैं जिनका सिर्फ फाइनल रिजल्ट [ Final Result ] आने को रहता था इसका तात्पर्य है कि वे अभ्यर्थी सीधे इसके बाद जोइनिंग करते । सचिवालय क्लर्क 962,JOA 903 और JOA 939 जैसी परीक्षाएं उनमें आती हैं। कईयों की केवल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने को रहती थी यानी जिन्होंने परीक्षा पास कर दी है..
अब इस स्थिति में आयोग का भंग हो जाना और इतनी सारी परीक्षाओं में F.I.R. का दर्ज होना अभ्यर्थियों के लिए मानसिक रूप से बहुत कष्टदायक है । जिस युवा शक्ति को हम उज्ज्वल राष्ट्र का निर्माता कहते हैं वे आज खुद को अपने परिवार पर बोझ समझ रहे हैं ।भ्रष्टाचार के इतने बड़े खुलासे में विजिलेंस और सरकार का इस मामले में पूरी तरह तह तक जांच करना भी बेहद अनिवार्य है ..
लेकिन इस बीच किसी को कहीं हानि हो रही है तो वे है: अभ्यार्थी -गण, जो दिन-रात अपनी मेहनत का लोहा मनवा रहे हैं, किसी की उम्र बढ़ रही है तो किसी को 2 से 5 साल तैयारी करते हो रहे हैं ऐसे में उनकी ऊर्जा कहीं खो सी गई है..
आयोग के भंग होने के कारण जो भर्तियां होनी भी थी वे भी अभी नहीं हो पा रही है ,इन सब से परेशान,युवा की तैयारियों की गति अब धीमी हो गई है ।व्यवस्था परिवर्तन की आस लगाए युवा का अब अपना मन परिर्वतन होने को आया है यहां तक कि सरकारी परीक्षाओं की प्रोसेस में इतना विलंब की वजह से कुछ विद्यार्थी व्यक्तिगत कारणों से मजबूर, तैयारी छोड़कर प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी तलाश रहे हैं..
बरहाल सरकार की ओर से दिलासे दिए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि हमीरपुर बोर्ड का डाटा लोक सेवा आयोग शिमला को स्थानांतरित किया जा रहा है लेकिन हिमाचली अभ्यर्थियों के मन में यही प्रश्न है कि आखिर कब तक? और कितना समय इस जांच में लगेगा? समस्या के समाधान की बात की जाए तो अभ्यर्थी गण यह मांग कर रहे हैं जो दोषी हैं उन्हें सजा दी जाए और जो पेपर के लेनदेन में अभ्यर्थी शामिल थे उन्हें परीक्षा से बाहर कर उन पर कार्रवाई की जाए ना की उनकी वजह से सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए..
ऐसे में उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इन परीक्षाओं को पास किया है जो इस उम्मीद में थे कि अब उन्हें नौकरी मिलने वाली है लेकिन प्रशासन में भ्रष्टाचार के चलते उन्हें,मेहनत करने के बावजूद भी परिणाम नहीं मिल रहे हैं
इस के चलते समस्त सब्र का पुल बांधे अभ्यार्थी गण मौजूदा सरकार से बस यही मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द रुकी भर्तियों के रिजल्ट घोषित किए जाएं और जो भी फैसला विजिलेंस और सरकार द्वारा लिया जाए उसमें बेकसूर मेहनती युवाओं के भविष्य को किसी भी प्रकार की हानि ना पहुंचे, और प्रदेश का भविष्य यह युवा जिस भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और प्रशाशन कुशल रूप से चलाने का दंभ रखता है कहीं इसी के नीचे दब कर आस ना छोड़ दें







