सवादाता,शिमला: हिमाचल में करीब साढ़े सात माह बाद आज से स्कूल और कॉलेजों में नियमित कक्षाएं लगी। स्कूलों में नौवीं से जमा दो और कॉलेजों में सभी विद्यार्थियों की कक्षाएं लगी। कोचिंग संस्थानों में लगे ताले भी खुल जाएंगे। अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। शिक्षण संस्थानों में हाजिरी अनिवार्य नहीं होगी। साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।
अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में शिफ्ट या एक दिन छोड़कर कक्षाएं लगाई जाएंगी। फेस मास्क सभी के लिए पहनना अनिवार्य होगा। कोरोना महामारी के चलते थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन भी होगी। माइक्रो प्लान के तहत विद्यार्थियों को एक सीट छोड़कर बिठाया जाएगा। वहीं शिक्षकों और विद्यार्थियों को सही तरीके से मास्क पहनना होगा।
कक्षाओं में सिटिंग प्लान तय करने को स्कूल-कॉलेजों को विशेष कमेटियां बनाने के निर्देश दिए गए हैं। 29 अक्तूबर को उच्च शिक्षा निदेशालय ने एसओपी जारी की है। निर्धारित से अधिक तापमान वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को संस्थान में प्रवेश नहीं मिलेगा।
कोरोना लक्षण वाले शिक्षकों के आने पर रोक
खांसी, बुखार और जुकाम जैसे कोरोना के लक्षण वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। बीते दिनों प्रदेश के कई स्कूलों में शिक्षकों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है।
नहीं होंगी प्रार्थना सभाएं और खेलकूद गतिविधियां
नियमित कक्षाओं के दौरान स्कूलों में प्रार्थना सभाएं नहीं होंगी। खेलकूद की गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। परिसर में कहीं भी शिक्षक और विद्यार्थी समूह में एकत्रित नहीं होंगे।
नहीं होगी सर्दियों की छुट्टियां
स्कूल-कॉलेजों में इस बार जनवरी और फरवरी में भी नियमित कक्षाएं लगेंगी। कोरोना संकट के चलते इस बार शीतकालीन छुट्टियों वाले शिक्षण संस्थानों में सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। नवंबर या दिसंबर की कैबिनेट बैठक में इसको लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।







