शिमला: आज मंगलवार को शिमला स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण योजना तथा ठोस कचरा प्रबंधन की बैठक हुई। बैठक के दौरान उन्होनें जिला के अधिकारियों से डोर टू डोर कचरा एकत्रिकरण करने के साथ-साथ ठोस एवं तरल कचरा को अलग कर एकत्रित करने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करने समेत कचरा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालने को कहा। इसके अतिरिक्त इस बैठक में किरण बडाना ने प्लास्टिक एवं पॉलिथिन के दुष्प्रभाव पर भी अधिकारियों के साथ गहन विचार विमर्श किया।
उन्होनें नगर पंचायतों एवं नगर निगमों के अधिकारियों से समय-समय पर औेचक निरिक्षण करने पर बल देने पर बात की , जिससे कूड़ा कर्कट एवं डंपिंग की समस्या से लोगों को निजात मिल सके। उन्होनें सरकारी एवं निजी अस्पतालों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन पर ध्यान देने को कहा ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होने बताया कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छता ही सेवा, पॉलीथिन हटाओ पर्यावरण बचाओ, स्वच्छ सुंदर शौचालय, कोविड-19 मॉस्क वितरण अभियान, गंदगी मुक्त भारत आदि विभिन्न जागरुकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिल VB शिमला में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के तहत स्थाई तथा अस्थाई शेड का निर्माण किया गया है तथा पानी की गुणवत्ता प्रबंधन के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हर महीने पानी के सैंपल एकत्रित किए जाते है। उन्होंने बताया कि ध्वनि प्रदूषण प्रबंधन के तहत पुलिस विभाग द्वारा समय समय पर अधिनियम के अंतर्गत उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। वहीं परिवहन विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 24 क्षेत्रों को साइलेंस जोन अधिसूचित किया गया है।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था राहुल चौहान, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल सचिन कनवाल, अधीक्षण अभियंता सुरेश कपूर, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी गण व कर्मचारी उपस्थित थे।







