रितेश चौहान, सरकाघाट: सूबे की बेटी निष्ठा ठाकुर का सिंगापुर यूनिवर्सिटी में कैंसर पर शोध के लिए चयन हुआ है। उनकी योग्यता को देखते हुए सिंगापुर सरकार ने उनके चार वर्षीय साइंस में मेडिकल शोध के लिए ट्यूशन फीस माफ करने के साथ 2500 सिंगापुर डालर स्कालरशिप ग्रांट भी देने का फैसला लिया है।
निष्ठा की इस अभूतपूर्व कामयाबी पर ना सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरा देश नाज कर रहा है। निष्ठा ठाकुर सरकाघाट उपमंडल के धाड़ गांव की रहने वाली है। इतना ही नहीं विवि बोर्ड ने उसकी शैक्षणिक योग्यताओं को ध्यान में रखते हुए 4 वर्ष पीएचडी कोर्स करने के लिए खर्च होने वाली लाखों रुपए की ट्यूशन फीस भी माफ कर दी गई है।
वह स्कूल आफ केमिकल एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग मेडिसन में कैंसर पर शोध कर रही हैं जिसमें वह एकमात्र भारतीय है। इस यूनिवर्सिटी में पूरे विश्व से छह ही विद्यार्थी चयनित हुए हैं। निष्ठा ने प्रारंभिक से लेकर दसवीं कक्षा तक की शिक्षा डीएवी ग्रयोह से हासिल की। उन्होंने चार वर्षीय बायोटेक डिग्री जेपी विश्वविद्यालय वाकनाघाट सोलन से प्रथम रैंक में हासिल की।
शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है पूरा परिवार
एमटेक एनआइटी जालंधर से प्रथम स्थान लेकर की। निष्ठा ठाकुर के पिता डा. नरदेव सिंह बागवानी विभाग में विषयवाद विशेषज्ञ अधिकारी के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उनकी बड़ी बहन नीतू ठाकुर सीएसआइआर की स्कालरशिप के साथ एग्रीकल्चर इकोनामिक्स में पीएचडी कोर्स कर रही हैं। उनकी मां उर्मिल ठाकुर सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक है।


