स्पेशल डेस्क: हिमाचल की ठंडी फिजाओं में सियासत की गर्मी लगातार बढ़ रही है। भले ही यहां का मौसम सुहावना हो, लेकिन यहां राजनीतिक गलियारों में आग लगी है। अब ये आग लगना जायज भी है, क्योंकि विधानसभा चुनाव 2022 बेहद नजदीक आ गये हैं। इस चुनावी बेला में पक्ष हो या विपक्ष दोनों ने एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है।
चुनावी मौसम में भाजपा के दो राष्ट्र स्तर के नेता कल हिमाचल में गरजेंगे । जहां एक तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कुल्लू में चुनावी कार्यक्रम में भाग लेंगे तो वहीं दूसरी ओर केन्द्रीय खेल एवं युवा, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर चंबा में मौजूद होंगे। अब जाहिर सी बात है, कि जब यह दोनों घर जाएंगे तो विपक्ष पर बरसेंगें भी जरूर। ये वार-पलटवार का सिलसिला तो चुनावों तक लगातार जारी रहेगा। लेकिन यहां समझने वाली बात यह है, कि एक ही दिन में भाजपा अपने दो दिग्गजों को एक साथ मैदान में उतारकर क्या संदेश देना चाहती है।
राजनीतिक पंडितों की माने तो भाजपा अध्यक्ष होने के नाते हिमाचल विधानसभा का चुनाव जेपी नड्डा की साख का सवाल है। लेकिन अभी हिमाचल की मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से ये चुनाव जीतना इतना आसान नहीं होगा।
वहीं अनुराग ठाकुर कि हिमाचल में लोकप्रियता किसी से छुपी नहीं है। यह माना जा रहा है कि भाजपा अनुराग ठाकुर की लोकप्रियता का परदा डाल नाकामियों को छुपाना चाहती है। ऐसे में क्रीज पर अनुराग ठाकुर को ओपनर के तौर पर चुनाव प्रचार में उतार दिया है। अब 2022 की मैच का दारोमदार अनुराग ठाकुर के कंधों पर है।
हालांकि बतौर टीम कप्तान जेपी नड्डा भी मैदान में लगातार बने हुए हैं, लेकिन चौके और छक्के मारने का काम केंद्रीय मंत्री के हाथ में है। अब देखना यह होगा की टीम भाजपा इस बार अपनी इस पारी में कितने रन बना पाती है और कैसे इस मैच को अपने पाले में लाती है।
हालांकि अभी देवभूमि अपने दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम शर्मा के निधन के शोक में है। लेकिन किसी के जाने से कहां कुछ थमता है। पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में जुटे हैं ।







