हमीरपुर: पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मंगलवार को हमीरपुर में नेहरू युवा केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन दिवस पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कौशल विकास को बहुत महत्व दे रहे हैं। केंद्र सरकार देशभर में ऐसी अनेकों योजनाएं लागू कर रही है जो स्वरोजगार प्राप्त करने में सहायक हैं।
सब लोगों को सरकारी नौकरी मिल पाना संभव नहीं है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारा दिया कि नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनो। स्टैंड अप स्टार्टअप ऐसी ही योजनाएं हैं जिनको अपनाकर ना केवल खुद रोजगार प्राप्त कर सकते हैं बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं। बस सीखने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी सहायता आपके द्वार पर दस्तक दे रही है।
उन्होंने कहा कि आदिकाल से सीखने की प्रक्रिया चली आ रही है भगवान राम और भगवान कृष्ण भी बाल्यकाल में गुरु आश्रम शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए थे। गुरु की शिक्षा प्राप्त करना प्रशिक्षण लेना बहुत ज्यादा जरूरी है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं
धूमल ने कहा कि उन्होंने ऐसे हिमाचल का सपना देखा था जिसमें प्रदेश का हर गांव सड़क से जुड़ा हो प्रदेश के सभी बच्चों को शिक्षा मिले प्रदेश में सबको स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें स्वरोजगार प्राप्त करने के अवसर हों प्रदेशवासी स्वाबलम्बी हों हिमालय के शिखर की तरह प्रदेशवासियों का मस्तक गर्व ऊंचा हो ऐसा सबका स्वाभिमान हो। इसलिए हमने सरकार में सड़क शिक्षा स्वास्थ्य स्वरोजगार स्वाबलंबन और स्वाभिमान पर लक्षित रहकर काम किया।
प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान के भंडार चारों तरफ खुले हुए हैं अनेकों योजनाएं चल रही हैं संभावनाएं बहुत हैं। नेहरू युवा केंद्र के माध्यम से इन सभी को चैनेलाइज कर आपके लिए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। जरूरत है तो बस परिश्रम करने की। परिश्रम के बगैर कोई भी काम सिद्ध नहीं हो सकता।
अवसर मिल रहा है तो भटकना क्यों, बुरी आदतों में क्यों फसना और अवसर का लाभ उठाओगे तो अच्छे नागरिक बनोगे जीवन में सफल होगे तब खुद के साथ अपने परिवार गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करोगे। काम खुद के लिए करोगे लेकिन साथ में देश भी आगे बढ़ेगा।
युवा पीढ़ी शिक्षित हो प्रशिक्षित हो अनुशाषित हो योजनाओं का लाभ उठाए और देश को सशक्त करे, इतनी सफल हो कि हम सब उन पर गर्व करें। युवा पीढ़ी से बहुत सी अपेक्षाएं हैं संभावनाएं भी बहुत हैं। सफल होने के मिल रहे अवसरों को युवा चुनौती के रूप में लें। जरूरी नहीं कि शिखर पर केवल एक ही हो जब सभी शिखर पर होंगे तो वही तस्वीर युवा भारत की सबसे सुंदर तस्वीर होगी।


