स्पेशल डेस्क, हरियाणा: भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर का नाम देश के उन 29 खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इनके नाम की सिफारिश मंगलवार को खेल मंत्रालय की पुरस्कार चयन समिति ने इस साल के अर्जुन पुरस्कार के लिए की है।
बचपन से ही हाथ में हॉकी थामने वाली यह बेटी कभी स्कूली गेम्स में पुरस्कार जीत कर परिवार की खुशी का ठिकाना बनती थी, आज देश के सर्वोच्च पुरस्कारों में से अर्जुन अवार्ड के लिए इस बेटी के नाम आने आने से ना केवल घर बल्कि हरियाणा प्रदेश को भी गौरवान्वित कर दिया है। यमुनानगर में जन्मी इस बेटी की करनाल के विक्र्तम दहिया के साथ सन 2017 में शादी हुई थी।
दिल्ली के सम्राट होटल के मैनेजर के पद पर कार्यरत उसी पति ने ही उन्हें इस उपलब्धि की सबसे पहले फोन कर सूचना दी। दीपिका की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धिक का श्रेय भी अपने पति व ससुराल और मायके के परिवार को दिया। जिन्होंने उन्हें हमेशा ना केवल खेलने के लिए ही सहयोग दिया। बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए भी प्रेरित किया।
सब एडजेस्ट करना ही हरियाणवीं की पहचान
हॉकी खिलाड़ी दीपिका रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में चीफ सुपरीडेंट के पद पर 2007 से कार्यरत है। पहले केवल नौकरी के साथ ही खेला करती थी, अब शादी होने के बाद भी वह खेल, जोब और शादीशुदा जिंदगी अच्छे से निभा रही है। दीपिका का कहना है कि हर हाल में खुद को एडजेस्ट करना ही हरियाणवीं की पहचान है। यमुनानगर में रही, पंजाब में नौकरी और करनाल में ससुराल सब एक साथ संभाला है। 2017 से उन्हें अर्जुन अवार्ड मिलने की उम्मीद थी, जो इस साल पूरी होने जा रही है।
चचेरे भाई की प्रेरणा से किया खेलना शुरू
दीपिका के अनुसार, उसने खेल की शुरूआत छटी कक्षा की पढ़ाई के दौरान की थी। इसके लिए उसके चचेरे भाई से प्रेरणा मिली थी, उन्होंने हॉकी टीम बनाई थी। बस तब से उन्होंने एक के बाद एक कई मैच खेले, तीन कॉमनवेल्थ, तीन वर्ल्ड कप और तीन एशियन गेम्स तक पहुंचना और जीतने का उन्होंने सफर तय किया है।
2018 के एशियन गेम्स में उनका सिल्वर पदक था। दीपिका एशियन चैंपियनशिप विजेता महिला हॉकी टीम की सदस्य रही हैं। और ओलंपिक में वाइस कैप्टन की जिम्मेदारी भी निभाई। जापान में हुई एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर मेजबान देश की टीम को हराकर ब्रॉज मेडल पर कब्जा किया था। इस जीत में दीपिका का अहम रोल रहा था।
यह हैं दीपिका की उपलब्धियां
- 2003 में खेलना शुरू किया हॉकी, खेल चुकी 200 मैच
- दीपिका ने 2003 में अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद से ही वह नियमित तौर पर वरिष्ठ महिला हॉकी टीम की सदस्य रही हैं।
- 2016 में महिला हॉकी टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। इस मैच में वह सर्वोच्च स्कोर हासिल करने वाली खिलाड़ी बनी थीं।
- इसके बाद इसी साल अप्रैल में भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर दीपिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने 200 मैच पूरे कर किए हैं।
- दीपिका ने अपना 200वां मैच टीम के साथ महिला हॉकी विश्व लीग राउंड-2 में कनाडा में चिली के खिलाफ खेला, जिसमें इस मैच में शूटआउट में चिली के खिलाफ दीपिका ने ही तीसरा और अंतिम गोल दागा था।







