मोक्ष शर्मा/शिमला: आज ही के दिन साल 1972 में जन्म हुआ था दलीप सिंह राणा यानी द ग्रेट खली का । आज द ग्रेट खली का जन्मदिन है। द ग्रेट खली का नाम भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है। वे प्रोफेशनल रेसलर और लिफ्टर हैं। आज खली 48 साल के हो गए हैं। द ग्रेट खली के बारे में बता दें कि वे करीब सात फीट एक इंच लंबे हैं और उनकी वजन करीब 157 किलो का है। उनका जन्म हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में धिरियाना गांव में हुआ था। दलीप सिंह राणा भारत के इकलौते वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन हैं। वे भारत की शान माने जाते हैं।
वैसे आज की तारीख में द ग्रेट खली को जो भी लोग जानते हैं, लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि खली का बचपन बहुत गरीबी में बीता। भरपेट खाना मिलना भी मुश्किल था, इसलिए उन्हें बचपन में पत्थर तक तोड़ने का काम करना पड़ा। दरअसल खली की कदकाठी शुरुआत से ही बहुत शानदार और आकर्षक रही है।
पंजाब पुलिस से रेसलिंग तक….
पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें पंजाब पुलिस में भर्ती होने का ऑफर दिया था। इसके बाद दलीप सिंह राणा ने साल 1993 में पंजाब पुलिस की नौकरी शुरू कर दी। लेकिन खली को तो कुछ और ही बनना था और देश दुनिया में अपनी पहचान बनानी थी। इसलिए उन्हें पुलिस में भर्ती होने के बाद रेसलिंग की ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगातार मेहनत के बाद साल 2000 में उन्होंने अमेरिका में पहली बार रेसलिंग का अपना करियर शुरू किया। इसके बाद साल 2006 में वे वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट जिसे आप डब्ल्यूडब्ल्यूई के नाम से जानते हैं के कॉन्ट्रेक्ट पर साइन किए। ऐसा करने वाले वे भारत के पहले पहलवान बने थे।

उनके नये नाम की तलाश…
उनके लिए नए नाम की तलाश की जाने लगी, कभी भीम तो कभी जायंट सिंह कभी कुछ और…कई नामों को बदलने के बाद द ग्रेट खली के नाम पर आखिरी मोहर लगी और यह नाम दलीप सिंह को खूब पसंद भी आया । उसके बाद दुनियभर में दलीप सिंह राणा द ग्रेट खली के नाम से मशहूर हो गए।
अभिनय का दौर…..
द ग्रेट खली एक बार टीवी शो बिग बॉस में भी दिखाई पड़े थे। खली सीजन चार में दिखे थे और उस साल उन्हें हर सप्ताह के लिए करीब 50 लाख रुपये मिलते थे। इस दौरान लोगों को खली के बारे में करीब से जानने का मौका मिला। खली कुछ एक फिल्मों में भी छोटे रोल करते हुए दिखाई दिए हैं।

बताया जाता है कि खली आशुतोष महाराज के शिष्य हैं। आपको बता दें कि अपने बड़े शरीर के कारण कई बार खली को कुछ कामों को करने में दिक्कत भी महसूस होती है। लेकिन भारत के खली को पूरी दुनिया जानती और पहचानती है।







