
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन तक दिग्विजय सिंह और शशि थरूर मैदान में नज़र आ रहे थे लेकिन अब गांधी परिवार के भरोसेमंद मल्लिकार्जुन खड़गे की एंट्री के बाद काफी कुछ बदल चूका है। खड़गे के आने से दिग्विजय सिंह ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है वहीं शशि थरूर आज अपना नामांकन भर चुके हैं। गौरतलब है की दोनों ही दक्षिण के नेता हैं लेकिन सियासी समझ और संगठन के अनुभव के मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे का सफर काफी पुराना है और वो गाँधी परिवार के काफी करीबी भी माने जाते हैं।
बता दें कि कल यानी गुरुवार को अशोक गहलोत ने सोनिया गाँधी से मूलवात के बाद माफ़ी मांगते हुए चुनाव लड़ने से मन कर दिया था। उसके बाद देर रात तक सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के बीच नए अध्यक्ष को लेकर मीटिंग हुई, जिसके बाद शुक्रवार सुबह खड़गे को 10 जनपथ पर बुलाया गया। खड़गे का नाम सामने के बाद अब लगभग उनका अध्यक्ष बनना तय मन जा रहा है। सबकुछ सही रहा तो मजदूर आंदोलन से करियर की शुरुआत करने वाले खड़गे देश के सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की कमान संभाल सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो खड़गे बाबू जगजीवन राम के बाद दूसरे दलित अध्यक्ष बनेंगे। जगजीवन राम 1970-71 में कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर थे।

