मुस्कान,खबरनाउ : हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है. पहली लिस्ट सामने आने के बाद विधायकों के टिकट कटने पर भाजपा में बड़े स्तर पर बगावत शुरु हो गई है. पार्टी मुख्यालय तक आई सूचनाओं के अनुसार जवाली, करसोग, चंबा, धर्मशाला, देहरा, धर्मपुर, बिलासपुर, शिमला शहरी, कसुम्पट्टी और नालागढ़ जैसी सीटों से बगावत के सुर उठे हैं. मंडी जिला के धर्मपुर में तो पिता महेंद्र सिंह ठाकुर की टिकट बेटे रजत ठाकुर को मिलने के बाद बहन वंदना गुलेरिया ने भाजपा महिला मोर्चा से समर्थकों समेत इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही टिकट न मिलने पर भाजपा के पूर्व विधयक के. एल. ठाकुर सहित 125 पद अधिकारयों ने इस्तीफे के पेशकश की है .
शिमला शहरी विधानसभा सीट से लगातार तीन चुनाव जीतने वाले शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का टिकट बदलते ही शहरी भाजपा में बगावत हो गई है. बुधवार सुबह टिकटों की घोषणा होते ही भारद्वाज समर्थक छोटा शिमला स्थित उनके आवास पर पहुंच गए. पूर्व मेयर सत्या कौंडल समेत कई पूर्व भाजपा पार्षद शिमला शहरी भाजपा अध्यक्ष राजेश शारदा और मंडलों के पदाधिकारी मंत्री से मिलने पहुंच गए. इन्होंने पार्टी के टिकट बदलने के फैसले पर सवाल उठा दिए. कहा कि मंत्री ने शिमला शहर में काम किए हैं। ऐसे में उन्हें इसी सीट से टिकट मिलना चाहिए था. कसुम्पटी से टिकट देने का पार्टी का फैसला गलत है.
करसोग में विधायक हीरालाल और दो अन्य टिकट के दावेदारों ने मिलकर पार्टी टिकट पर पुनर्विचार करने की बात की है, नहीं तो अगला कदम उठाने की धमकी भी दी है. कांगड़ा के जवाली में स्थानीय विधायक अर्जुन सिंह ने भी समर्थकों के दबाव में गुरुवार को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है.







