मुस्कान, खबरनाउ: भारत के पहले मतदाता होने का गौरव रखने वाले किन्नौर के श्याम सरन नेगी ने शनिवार को सुबह अपने घर पर अंतिम सांस ली. श्याम सरन नेगी की उम्र 106 साल थी और वह कभी मतदान करने से पीछे नहीं हटे. 2 नवंबर को ही श्याम सरन नेगी ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया था. अपनी अस्वस्थता के चलते ही बुधवार को अपने घर में ही उन्होंने मतदान किया. पोलिंग बूथ पर चुनाव आयोग की ओर से उनका रेड कारपेट स्वागत किया जाता था. बीमारी के चलते वो इस बार पोलिंग बूथ पर नहीं जा सके थे.

कैसे बने देश के पहले मतदाता?
भारत में ब्रिटिश शासन की समाप्ति के बाद जब 1951 में पहली बार आम चुनाव कराए गए थे तो श्याम सरन नेगी पहले शख्स थे, जिन्होंने मतदान किया था. वह 25 अक्टूबर, 1951 को लाइन में लगकर मतदान करने वाले पहले शख्स थे. 106 साल की आयु में श्याम सरन नेगी आज तक हर लोकसभा व विधानसभा के चुनावों में पोलिंग बूथ में जाकर वोट डालते रहे थे. श्याम सरन नेगी को चुनाव आयोग ने 2014 के आम चुनाव के दौरान ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था.







