स्पेशल डेस्क: हिमाचल प्रदेश सरकार ने आखिरकार पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की एस्कॉर्ट सुविधा सशर्त वापस ले लिया है. शांता कुमार के आग्रह पर ही सरकार ने ऐसा किया है. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री के दूसरे राज्यों के प्रवास पर उन्हें एस्कॉर्ट सुविधा मिलेगा, लेकिन स्थायी रूप से मिली गाड़ी और स्टाफ को सरकार ने वापस ले लिया है.
क्या है मामला
दरअसल, शांता कुमार ने 24 जून को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुविधा लौटाने की इच्छा जाहिर की थी. उन्होंने पत्र में लिखा था उन्हें इस सुविधा की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा था कि चार लाख रुपये का खर्च सरकारी खाते से होता है, जो कि उन्हें चुभता है. शांता कुमार के पास एस्कॉर्ट वाहन तथा 4 कर्मचारी कार्यरत थे. शांता कुमार ने सरकार के समक्ष तर्क दिया था कि अब वे सांसद नहीं हैं और सक्रिय राजनीति भी छोड़ चुके हैं.
एस्कॉर्ट सुविधा की आवश्यकता नहीं
साथ ही बढ़ती आयु के बावजूद अब प्रवास लगभग ना के बराबर करते हैं. ऐसे में उन्हें एस्कॉर्ट सुविधा की आवश्यकता नहीं है. अब सरकार ने शांता कुमार को अवगत कराते हुए सशर्त एस्कॉर्ट सुविधा को वापस लिया है, लेकिन प्रवास के दौरान उन्हें यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. सुविधा वापस देने में शांता कुमार की पहल का प्रदेश में स्वागत हो रहा है.







