संवाददाता, शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव महेश्वर चौहान ने कहा की “शिखर पर हिमाचल” का दम भरने वाली प्रदेश भाजपा सरकार की ग़लत नीतियों और कुप्रबंधन ने आज हिमाचल को “करोना के शिखर” पर पहुँचा दिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया की करोना महामारी के वक्त भी सरकार “आकस्मिक-दृष्टिकोण”अपना कर ही कार्य कर रही है। सरकार प्रदेश में सुचारु एवम् स्थायी व्यवस्था बनाने में पूरी तरह नाकाम हो गयी है।
जिसके कारण आज प्रदेश की राजधानी शिमला “करोना-कैपिटल” बन गई है। करोना को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कुप्रबंधन व नाकाफ़ी इंतज़ामों की वजह से आज प्रदेश उच्च न्यायालय और देश की सबसे बड़ी अदालत भी चिंतित है।उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश करोना से कहरा रहा है। प्रदेश सरकार राजनीतिक रैलियों और स्वागत समारोहों में व्यस्त है। करोना को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा की गयी तल्ख़ टिप्पणियाँ दर्शाती है की सरकार इस संदर्भ में गंभीर नहीं है और इस दिशा में अभी तक भी कारगर और पर्याप्त कदम नहीं उठा पायी है।
आमजनमानस ख़ौफ़ज़द है और सरकार पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुकी है। जिसके चलते अब मजबूरन न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी जब राजधानी में पेयजल संकट गहराया था तो भी इसी तरह सरकार सो रही थी और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रात को शिमला शहर की सड़कों पर निकल कर पानी की सप्लाई की निगरानी कर रहे थे। महामारी के वक्त में प्रदेश सरकार की लचर व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग में हुय घोटालों ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। परन्तु इस बात से बेपरवाह सरकार के मंत्री और भाजपा नेता अभी भी करोना से निपटने के बजाय विपक्ष के नेता पे हमला करने में लगे है।
उन्होंने कहा कि यदि इस सरकार ने इतनी तत्परता और इच्छाशक्ति इस महामारी से निपटने में लगाई होती तो हिमाचल में कारोना की इतनी भयानक स्थिति ना होती। आज विपक्ष के नेता पर भड़कने से और बयानबाज़ी से कोई लाभ नहीं होगा शासन आपके पास है और व्यवस्थायें भी आपको बनानी है। करोना के ख़िलाफ़ जंग में कांग्रेस पार्टी का समर्थन और सहयोग हर स्तर पर ज़ारी रहेगा।







