हिमाचल प्रदेश। केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र के 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय क्षेत्र के आधीन आने वाले इन 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों का परिवर्तनीय महंगाई भत्ता अर्थात वैरिएबल डी.ए 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना बढ़ाने का फैसला लिया गया। इस मौके पर केंद्रीय वित एवं कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री और हिमाचल की हमीरपुर लोकसभा सीट से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट किया।
इस मौके पर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों व कामगारों के कल्याण के लिए कार्यरत रही है । कोरोना आपदा के इस कठिन समय में कामगारों को आर्थिक रूप से समस्या ना आने पाए इस दिशा में मोदी सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने का निर्णय लिया है । यह वृद्धि 1 अप्रैल, 2021 से लागू होगी। इससे केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कामगारों का न्यूनतम वेतन की दर में भी वृद्धि होगी जिस से केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा। वैरिएबल डीए में बढ़ोतरी से उन्हें इस महामारी के मुश्किल वक्त में मदद मिलेगी और इस सराहनीय निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करता हूँ।
ट्वीट के जरिए केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने साझा की जानकारी।
श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार ने केंद्र के दायरे में विभिन्न श्रेणी के अनुसूचित रोजगार से जुड़े श्रमिकों को एक बड़ी राहत देते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) की दर को बदलने की अधिसूचना जारी की है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2021 से लागू होगा।#SatyamevJayateShrameyJayate pic.twitter.com/6OHq4NY0QN
— Ministry of Labour & Employment, GoI (@LabourMinistry) May 22, 2021
आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को सुव्यवस्थित तरीक़े से चलाने व इसके किए बढ़ाकर बजट देने का नतीजा है कि कोविड महामारी के बीच मई 2021 में अबतक मनरेगा के तहत 1.85 करोड़ लोगों को काम दिया मिला।ये मई 2019 की समान अवधि में दिये गए काम से 52 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2021-22 में 13 मई 2021 तक मनरेगा के तहत 2.95 करोड़ लोगों को काम दिया जा चुका है, जिसमें 5.98 लाख संपत्तियां पूरी हुईं और 34.56 करोड़ श्रमिक-दिवस कार्य उत्पन्न हुए। 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन और इसकी वजह से लोगों, मशीनों और सामग्री की उपलब्धता में मुश्किलों के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल अबतक बीते 3 साल की इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ। यह दिखाता है कोरोना से उपजे मुश्किल हालतों में भी मोदी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रनिर्माण में समर्पित है।







