न्यूज़ डेस्क। “आवश्यकता आविष्कार की जननी है” ये बात भले ही बहुत पुरानी हो मगर, इस बात की सार्थकता हर काल में नज़र आती है। जब से देश में कोरोना महामारी का प्रकोप हुआ तभी से भारत में नई तकनीकों का इस्तेमाल करके स्वास्थ उपकरणों का विकास भी हुआ। इसी कड़ी में बेंगलुरू के स्टार्ट-अप पैथशोध हेल्थकेयर ने एक ऐसी एलिसा जांच तकनीक ईजाद की है, जिससे कोरोना की जांच के प्रयोजन से लिए गए नमूने में एंटी-बॉडी का सटीक आकलन किया जा सकता है।

पैथशोध हेल्थ केयर द्वारा बनाया गया एंटी-बॉडी जांच उपकरण।
भारतीय विज्ञान संस्थान में स्थित इस स्टार्ट-अप द्वारा विकसित यह तकनीक एंटी-बॉडी को जांचने की अपनी तरह की पहली तकनीक है। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि नमूने में एंटी-बॉडी किस अनुपात में मौजूद है। पैथशोध ने इस तकनीक के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से लाइसेंस भी हासिल कर लिया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भी इस तकनीक का समर्थन किया है।







