शिमला: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को बने 72 वर्ष पूरे हो चुके हैं। एबीवीपी ने वर्षों के इस लंबे सफर के दौरान कई क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में 73वां स्थापना दिवस भी उसी जोश और उत्साह के साथ अलग अलग दिनों में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने अभाविप के स्थापना दिवस के 73वें उपलक्ष्य पर विश्वविद्यालय के पिंक पेटल्स चौक पर ,विजेता , नाम के नुक्कड़ नाटक का मंचन किया । इस नाटक का निर्देशन व लेखन मुनीश शर्मा के द्वारा किया गया था। इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थी परिषद की वैचारिक यात्रा पर प्रकाश डाला गया व दर्शाया गया कि आखिर कैसे अभाविप आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है ।
सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लिए हुई विद्यार्थी परिषद की स्थापना: विशाल सकलानी
इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद की स्थापना राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय के साथ हुई और तब से लेकर अभाविप निरंतर छात्र हित में कार्य कर रही है। आज अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है और विद्यार्थी परिषद के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने बताया की विद्यार्थी परिषद की स्थापना सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लिए हुई है , अभाविप की स्थापना राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्रनीति के लिए हुई है । उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद समाज को एकजुट करने को सदैव प्रयासरत है और अंतर्राजीय छात्र जीवन दर्शन के तहत अभाविप ने पूर्वोत्तर के राज्यों में देशभक्ति की लौ जगाई तो वहीं कोरोना काल में गली गली जाकर अभाविप ने लोगों को जागरूक किया , स्क्रीनिंग अभियान चलाया और निशुल्क भोजन भी वितरित किया जो अभाविप की सामाजिक जिम्मेवारी को निभाने के जज्बे को दर्शाता है ।
गौर हो कि यह नुक्कड़ नाटक भारी बारिश में हुआ और 5 कलाकारों ने इसमें भाग लिया ,इस मौके पर अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री गौरव अत्री तथा प्रांत मंत्री विशाल वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।







