हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए बागवानों ने सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन करने की तैयारी कर ली है. इसके लिए बागवानों ने सेब उत्पादक संघ का निर्माण भी किया है. प्रदेश के अन्य संगठनों के साथ मिलकर एक संयुक्त मंच तैयार किया जा रहा है. इस मंच के बैनर तले आने वाले समय में एक बड़ा जनआंदोलन करने की तैयारी है.
सेब उत्पादक संघ के अधिवेशन के दौरान सोमवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान माकपा नेता राकेश सिंघा ने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि सेब की खेती हिमाचल के लिए काफी महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन सेब उत्पादन के क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं. इन चुनौतियों से निपटने के लिए हिमाचल की सरकारों व सरकारी तंत्र की ओर से कोई शोध नहीं किया गया हैं, न ही इन चुनौतियों का आंकलन किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने सारा भार साधारण किसानों पर छोड़ दिया है, लेकिन किसान इस स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं है. 18 प्रतिशत जीएसटी सेे बचने के लिए सरकार ने एक काल्पनिक व्यवस्था तो बनाई, लेकिन उस व्यवस्था से किसानों को बिलकुल लाभ नहीं हुआ.






