मुस्कान,खबरनाउ :केंद्र सरकार ने नकली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने के लिए दवाओं पर क्यूआर कोड लगाने के निर्देश जारी कर दिए है. अब किसी भी मेडिकल स्टोर या ऑनलाइन खरीदी गई दवा के बारे में सारी जानकारी एक स्कैन से सामने आ जाएगी. पहले चरण में टॉप फार्मा ब्रांडों की 300 दवाओं को इस दायरे में लाया गया है. सरकार दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) पर क्यूआर कोड लगाने को पहले ही अनिवार्य कर चुकी है. अब इसी फैसले के तहत ड्रग प्राइसिंग अथॉरिटी ने 300 कॉमन ब्रांड्स की दवाओं पर क्यूआर कोड लगाने की तैयारी की है. जिन दवाओं को क्यूआर कोड के लिए चुना गया है उनमें पेन किलर्स, विटामिनस के सप्लीमेंट, ब्लड प्रेशर, शुगर और कॉन्ट्रासेप्टिव दवाएं शामिल हैं. बता दें कि इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्यूआर कोड से संबंधित निर्णय को लागू करने के लिए औषधि नियम, 1945 में कुछ जरूरी संशोधन भी किए हैं.
नया नियम अगले वर्ष अगस्त 2023 से लागू हो जाएगा. जिसके चलते पहली जनवरी से कोड डालना जरूरी हो जाएगा. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने दवाओं में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स पर क्यूआर कोड डालना अनिवार्य कर दिया है. हाल ही में हुई फार्मा कंपनियों व मंत्रालय की एक बैठक में भी एपीआई पर क्यूआर कोड लगाने की तारीख को बढ़ाने की मांग उठी थी लेकिन मंत्रालय ने इसे हर सूरत पहली जनवरी से लागू करने के निर्देश दिए है.






