पूरे देश में टीकाकरण अभियान जारी है और 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीनेट किया जाए इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। और वक़्त के साथ साथ कोरोना और इससे जुड़े दूसरे हिस्सों के बारे में भी हमारी जानकारी ज़्यादा विकसित हुई है। और इसको लेकर नए-नए शोध भी सामने आते ही रहते हैं।
वेक्सिनेशन की शुरुआत में कोविषिल्ड (Covishield) की पहली और दूसरी डोज के बीच 4 सप्ताह का अंतराल निर्धारित किया गया था जिसे बाद में बढ़ा कर 8 सप्ताह कर दिया गया था। लेकिन इसमें पुन: परिवर्तन किए गए और अब ये अंतराल 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया है। और इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
अब सुनिए इस मुद्दे पर जानकार क्या कहते हैं। कोरोना से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ बताते हैं कि वेक्सिन की पहली और दूसरी डोज के बीच का अंतराल, इसको लेकर हुए शोध के बाद बढ़ाया गया है। ये गैप इस लिए बढ़ाया गया क्यूंकि यूके और कुछ देशों में यह शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज देर से लगवाई वे ज्यादा इम्यून पाए गए इसी को देखते हुए भारत जैसे कई देशों ने वैक्सीन की पहली से दूसरी डोज का अंतराल बढ़ाने का फैसला लिया। और कुछ देशों में पहले ही इस तरह के फैसले लिए जा चुके हैं और वेक्सिन की दोनो डोजों के बीच का अंतराल 8 से 12 हफ़्ते का कर दिया है इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।






