प्रदेश भर में कोरोना के बड़ते आंकड़े और अब ग्रामीण इलाकों में इसका असर, पूरे प्रदेश के लिए चिंताजनक है। और शुक्रवार को खबर now ने आप सभी को बताया था कि कैसे शिमला जिला के डोडरा-क्वार क्षेत्र में कोरोनावायरस का कहर बेकाबू होता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में डोडरा क्वार में कोरोनावायरस के लगभग 60 मामले सामने आए, और 3 गांव माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी घोषित कर दिए गए। क्षेत्र की दूर्गमता और कोरोना के कहर को देखते हुए खबर नॉव ने प्राथमिकता से मुद्दे को उठाया, जिसके बाद अब इस मुद्दे पर शिमला जिला प्रशासन भी हरकत में आया और शनिवार को देर रात शिमला जिला उपायुक्त आदित्य नेगी ने रोहड़ू क्षेत्र का दौरा किया, और डोडरा क्वार मैं बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को हालात संभालने के लिए दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त आदित्य नेगी ने स्थानीय उपमंडल अधिकारी बी.आर. शर्मा को डोडरा क्वार में संक्रमण के फैलाव को रोकने और प्रभावित लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डोडरा क्वार में दुनी चंद चैहान को विशेष सैक्टर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो कोविड-19 संबंधी कार्य की निगरानी करेंगे।
उन्होंने बताया कि राधा स्वामी सत्संग भवन क्वार में डेडीकेटिड कोविड सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द बना दिया जाएगा, जिसमें 5 डी तथा 5 बी प्रकार के 10 सिलेंडर की उपलब्धतता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि डोडरा क्वार क्षेत्र में 5 पंचायतों के लिए 5 डाॅक्टर तैनात है। क्वार क्षेत्र में डेडीकेटिड एम्बुलेंस सुविधा की उपलब्धतता सुनिश्चित की गई है। और उन्होंने बताया कि डोडरा क्वार में टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 346 सैंपल लिए जा चुके है, जिनमें से 60 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि डोडरा क्वार क्षेत्र में संक्रमण के सभी रोगियों में हल्के लक्षणों के मामले पाए गए हैं। अभी तक केवल कोविड के कारण नागरिक अस्पताल क्वार में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसे रोहडू स्थानांतरित किया जा रहा था। जिसकी उम्र 75 वर्ष थी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध संसाधनों को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मचारियों को प्रदान किया गया है ताकि किसी प्रकार की आपातकाल स्थिति में इन अधिकारियों, कर्मचारियों व रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस क्षेत्र में वैक्सीनेशन कार्य को जल्द पूर्ण कर संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके।






