न्यूज़ डेस्क: भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ यूं तो अपने आप में ही एक अद्भुत प्राणी है, जिसकी शारीरिक संरचना अद्भुत और भय पैदा करने वाली है। मगध इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि बाघों का होना पारितंत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। और इसको लेकर आज प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट के जरिए वर्ल्ड टाइगर डे पर भारत में बाघों की स्थिति की जानकारी दी और उनके संरक्षण की बात कही।
On #InternationalTigerDay, greetings to wildlife lovers, especially those who are passionate about tiger conservation. Home to over 70% of the tiger population globally, we reiterate our commitment to ensuring safe habitats for our tigers and nurturing tiger-friendly eco-systems. pic.twitter.com/Fk3YZzxn07
— Narendra Modi (@narendramodi) July 29, 2021
आज मौका है अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस यानी “इंटरनेशनल डे फॉर टाइगर” का तो आइए नजर डालते हैं भारत में बाघों की स्थिति पर। साल 2018 में हुई गणना के आधार पर भारत में तब तक बाघों की संख्या 2967 पहुंच गई थी। जोकि साल 2014 में 2226 थी। आपको बता दें देशभर में बाघों की संख्या में 2014 से 2018 तक लगभग 33 फीसदी का इजाफा देखने को मिला।
देश में बाघों के संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं इसी के अंतर्गत साल 2018 से पूर्व 2006, 2010 और फिर 2014 में भी बाघों की गणना रिपोर्ट जारी की जा चुकी है। अभी ताजा रिपोर्ट 2018 की है जिसमें बाघों की संख्या 2967 बताई गई है। देश में बाघों के संरक्षण का दायित्व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए के जिम्मे में है।
कब और कैसे पड़ी बाघ दिवस की नींव
वर्ष 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एक बाघ सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें पूरे विश्व में बाघों की तेजी से घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की गई और बाघों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने को लेकर हर साल 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाना तय किया गया। इस सम्मेलन में 13 देशों ने हिस्सा लिया था और उन्होंने 2022 तक बाघों की तादात में दोगुनी बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा गया था।
विश्व भर में बाघों को बचाने की की बातें की जा रही है और इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की शुरुआत की गई जहां विश्व भर के देश बाघों के संरक्षण से संबंधित जानकारियों को एक दूसरे से साझा कर सकें और इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जा सके।
भारत और राष्ट्रीय पशु बाघों की स्थिति
बाघों के संदर्भ में भारत की बात करें तो यहां बाघों के संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और बाघों को सुरक्षित रखा जा सके इसलिए टाइगर रिजर्व भी बनाए गए हैं।
भारत अकेले विश्व में बाघों की आबादी की 70 फ़ीसदी आबादी का मालिक है। भारत में बाघों के संरक्षण के लिए देश के 18 राज्यों में कुल 51 टाइगर रिजर्व भी है।
2018 की गणना के मुताबिक किस राज्य में कितने बाघ
भारत के राज्यों में अगर बाघों की संख्या की बात की जाए तो कुल 18 राज्यों में भाग सरंक्षण के लिए बाग रिजर्व यानी टाइगर रिजर्व्स बनाए गए हैं और इनकी संख्या की बात करें तो सबसे ज्यादा बाग मध्य प्रदेश में है। साल 2018 की गणना के अनुसार मध्यप्रदेश में 526, बिहार में 31 तो उत्तराखंड में 442 बाघ हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 173, आंध्रप्रदेश में 48 तेलंगाना में 26 छत्तीसगढ़ में 19 और झारखंड में 5 बाघ हैं। महाराष्ट्र में 312, ओडिशा में 28 तो राजस्थान में 69 बाघ हैं।






