कोरोना महामारी के कारण हिमाचल प्रदेश में भी पहले ही लगभग सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद किए जा चुके हैं। बात स्कूलों की करें तो दसवीं और बारहवीं दो बोर्ड की परीक्षाएं होनी थी जिसको लेकर प्रदेश सरकार ने सीबीएसई के तौर पर दसवीं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने और 12वीं की परीक्षा एक समय अंतराल के लिए टाल देने की बात कही थी।
इसी कड़ी में आज प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा के लगभग 1.16 लाख विद्यार्थियों को 11वीं में प्रमोट कर देने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने निर्देश जारी करते हुए सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों से कहा है कि आगामी 30 मई तक 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को रोल ऑन आधार पर 11वीं कक्षा में दाखिला दे दिया जाए। और साथ ही स्कूल शिक्षा बोर्ड को 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा निदेशालय की ओर से कहा गया है कि विद्यार्थियों को “हर घर पाठशाला कार्यक्रम” के अंतर्गत घरों से ही ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के लिए प्रेरित किया
जाए।
हालांकि प्रदेश सरकार ने 12वीं कक्षा और कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं को आगामी आदेश तक निलंबित करने का फैसला लिया था जिसे फिलहाल जारी रखा गया है। इसके अलावा 9वीं और 11वीं कक्षा से अगली कक्षाओं में प्रमोट किए गए विद्यार्थियों को भी अंक सुधार का मौका मिलेगा। शिक्षा बोर्ड और शिक्षा विभाग प्रदेश में कोरोना संक्रमण के हालात जैसे ही सुधरते हैं इस तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं का प्रावधान करेंगे।
सीबीएसई की तर्ज पर प्रदेश में भी 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रमोट करने की अगले सप्ताह से प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार की ओर से इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड को निर्देश जारी हो गए हैं। इन दोनों कक्षाओं की अंक सुधार के लिए परीक्षाएं स्कूल स्तर पर होंगी। जबकि 10वीं की बोर्ड परीक्षा के अंकों में सुधार के लिए परीक्षाएं स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला लेगा।






