फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बाद अब सीआईडी इससे जुड़े एजेंटों की तलाश में जुट गई है। जांच अधिकारियों को एक दर्ज़न से ज्यादा एजेंटों की जानकारी मिली है, जिनकी तलाश में इस कोविड काल के बावजूद पुलिस कर्मी खाक छान रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कोविड की वजह से लोगों की मूवमेंट कम है। ऐसे में संभव है कि एजेंट जहां भी छुपे हैं, वहां से उनकी गतिविधि कम हो रही है। यही वजह है कि अभी तक जांच अधिकारियों के हाथ खाली हैं।
दरअसल, अभी तक की जांच में अधिकारियों को राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा ऐसे एजेंटों की जानकारी मिली है, जो विवि के फर्जी डिग्री रैकेट में सीधे तौर पर शामिल थे। ऐसे एजेंटों ने अपने आगे और सब एजेंटों का रैकेट बना रखा था, जो ग्राहक लाते थे। इनकी मदद से ही एजेंट डिग्री बेचने का गोरखधंधा चलाते थे। फिलहाल कोरोना के चलते पुलिस अधिकारी दबिश को लेकर ज्यादा जोर भी नहीं दे रहे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि कोविड के असर के कम होते ही कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।






